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उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग लखनऊ में 11 दिवसीय अभिरूचि पाठ्यक्रम का समापन एवं पुरस्कार वितरण

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लखनऊ: आज पुरातत्त्व अभिरुचि पाठ्यक्रम के ग्यारहवें दिन दो सत्रों में व्याख्यान और तीसरे सत्र में समापन समारोह आयोजित किया गया।  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो० मांडवी सिंह, कुलपति, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ थीं। उन्होंने 11 दिनों तक चले पाठ्यक्रम पर आधारित असाइनमेंट प्रतियोगिता में श्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभाग की निदेशक रेनू द्विवेदी ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट वक्ताओं का स्वागत करते हुए पाठ्यक्रम की उपलब्धियों और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। प्रथम दो सत्रों में विशिष्ट अतिथि डॉ० विजय माथुर, सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली ने “भारतीय लघु चित्रकला का इतिहास एवं शैली” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।  उन्होंने बताया कि इसकी परंपरा गुप्त युग और अजंता से प्रारंभ होकर 10वीं व 12वीं शताब्दी में जैन-बौद्ध ग्रंथों के चित्रण से विकसित हुई। मुगल काल में इसे स्वर्णयुग प्राप्त हुआ और बाद में राजस्थान, पहाड़ों और दक्कन में विभिन्न क्षेत्रीय श...

चीनी मिल के चालू होने से रोजगार के अवसर एवं क्षेत्र में विकास के खुलेंगे द्वार - डीएम

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कुशीनगर -जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा आज पडरौना स्थित वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल का निरीक्षण उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार पडरौना सहित जिला गन्ना अधिकारी के साथ निरीक्षण किया गया। पडरौना चीनी मिल को पुनरोद्धार हेतु संभावनाओं के तलाश में आज का स्थलीय निरीक्षण किया गया। पडरौना चीनी मिल वर्ष 2012 -13 से बंद पड़ी है तथा गन्ना किसानों के बकाया की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने पूर्ण विवरण जिला गन्ना अधिकारी को प्रस्तुत करने सहित बकाया भुगतान के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । जिलाधिकारी ने मिल को पुनः चालू कराने हेतु क्या क्या आवश्यकता होगी कि जानकारी लेते हुए कहा कि पडरौना चीनी मिल के चालू हो जाने से क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा जनपद में विकास के द्वार खुलेंगे। उन्होंने चीनी मिल के संपत्तियों का मूल्यांकन करने एवं देनदारियों का आकलन प्रस्तुत करने हेतु उप जिलाधिकारी एवं जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया। निरीक्षण दौरान मिल के अंदर एवं बाहरी क्षेत्र का विधिवत निरीक्षण करते हुए रख रखाव के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित को दिए। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी पड...

स्कूल वैन संचालन पर डीएम सख्त, मानक के विरुद्ध वाहन चलाने पर होगी कार्रवाई

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देवरिया -जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने गुरुवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर स्कूल वैन एवं बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “स्कूल बच्चों के वाहन और सेफ्टी जिम्मेदारी” विद्यालय प्रबंधन की है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई वाहन सुरक्षा मानकों के विपरीत पाया जाता है या नियमों का पालन नहीं करता है तो संबंधित विद्यालय प्रबंधक और वाहन संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में विद्यालय प्रबंधक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी वाहनों की फिटनेस अनिवार्य रूप से मान्य होनी चाहिए। ओवरलोडिंग कदापि न हो तथा ड्राइवर एवं कंडक्टर निर्धारित ड्रेस कोड में रहें। फिटनेस खराब पाए जाने वाले वाहनों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में रोड सेफ्टी नोडल टीचर अनिवार्य...

प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2025) 6 और 7 सितंबर को आयोजित होगी

देवरिया - अपर जिला मजिस्ट्रेट प्रशासन/नोडल अधिकारी-परीक्षा जैनेन्द्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा 06 और 07 सितंबर 2025 को प्रदेश के 48 जनपदों में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2025) आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्रतिदिन दो पाली में आयोजित होगी – पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक। सभी संबंधितों से अनुरोध किया गया है कि इन तिथियों पर अपने नियंत्रणाधीन विश्वविद्यालय, संस्थान और विद्यालयों में कोई अन्य परीक्षा न कराई जाए। इसके साथ ही, 06 सितंबर को जिन परीक्षा केंद्रों पर PET-2025 आयोजित हो रही है, वहाँ के छात्रों के लिए शैक्षणिक अवकाश घोषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें

गोरखपुर : जम्मू कश्मीर में प्राकृतिक आपदा से उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल अन्तर्गत कठुआ-माधबपुर स्टेशनों के मध्य पुल संख्या-17 के क्षतिग्रस्त होने के कारण गाड़ियों का निरस्तीकरण, शार्ट टर्मिनेशन, शार्ट ओरिजिनेशन निम्नवत किया गया है।  निरस्तीकरण-  श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा से 28 अगस्त,2025 को चलने वाली 14612 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।  भागलपुर से 28 अगस्त,2025 को चलने वाली 15097 भागलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।  शहीद कैप्टन तुषार महाजन (पठानकोट) से 27 अगस्त,2025 को चलाई गई 05194 शहीद कैप्टन तुषार महाजन (पठानकोट) -छपरा विशेष गाड़ी निरस्त की गई।  शार्ट टर्मिनेशन- गुवाहाटी से 27 अगस्त,2025 को चलाई गई 15653 गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस रूड़की स्टेशन पर यात्रा समाप्त करेगी। यह गाड़ी रूड़की से जम्मूतवी के मध्य निरस्त रहेगी।  शार्ट ओरिजिनेशन- जम्मू तवी से 29 अगस्त,2025 को चलने वाली 15654 जम्मूतवी-गुवाहाटी एक्सप्रेस जम्मूतवी के स्थान पर रूड़की से चलाई जायेगी । यह गाड़ी जम्मूतवी से रूड़की के मध्य निरस्त रहेगी। 

कन्टेनर यातायात को प्रोत्साहित करने हेतु बैठक आयोजित

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गोरखपुर: प्रमुख मुख्य वाणिज्य कार्यालय के प्रगति कक्ष में क्षेत्रीय व्यापार को गति देने के साथ ही कन्टेनर यातायात को प्रोत्साहित करने हेतु आज प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबन्धक अनूप कुमार सतपथी एवं प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक चन्द्र प्रकाश जायसवाल के साथ केन्द्रीय भण्डारण निगम के कंट्री हेड विनोद तामोरी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  केन्द्रीय भण्डारण निगम के अनुरोध पर रेलवे प्रशासन द्वारा इज्जतनगर के काशीपुर स्टेशन पर स्थित मालगोदाम को 26 अगस्त,2025 को कन्टेनर रेल टर्मिनल के रूप में खोला गया तथा रेलवे द्वारा केन्द्रीय भण्डारण निगम को भविष्य में कन्टेनर यातायात के लिये अपेक्षित सहयोग देने का आश्वासन दिया गया। विनोद तामोरी द्वारा अन्य सम्भावित क्षेत्रों में भी वेयरहाउस की आवश्वयकता का अध्ययन कर रेलवे के साथ व्यापार बढ़ाने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई।  कन्टेनर यातायात में वृद्धि से पूर्वोत्तर रेलवे की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह पहल न केवल क्षेत्रीय व्यापार को गति देगा बल्कि लाजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी स...

प्रेमानंद महराज पर जगतगुरू रामभद्राचार्य की टिप्पणी से संत समाज दो खेमों में बंटा

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धार्मिक जगत में इन दिनों संत प्रेमानंद महाराज को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हम आपको बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में यह कहकर हलचल मचा दी थे कि वह प्रेमानंद महाराज को "चमत्कारी" नहीं मानते। उन्होंने यहाँ तक चुनौती दे डाली कि यदि वह वास्तव में चमत्कारी हैं तो अपने संस्कृत श्लोकों का हिंदी में अर्थ बताकर दिखाएँ। इस बयान ने संत समाज को दो खेमों में बाँट दिया है। वृंदावन और ब्रज के कई संतों ने रामभद्राचार्य जी की टिप्पणी को अहंकार से प्रेरित बताया है। साधक मधुसूदन दास ने कहा कि “भक्ति का भाषा से कोई लेना-देना नहीं होता। कोई चाइनीज, कोई फ्रेंच या कोई अन्य भाषा बोलने वाला भी जब भक्ति करता है तो भगवान स्वीकार करते हैं। संस्कृत न आने से भक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।” वहीं अभिदास महाराज का मानना है कि प्रेमानंद महाराज कलियुग के दिव्य संत हैं, जिन्होंने लाखों युवाओं को गलत रास्तों से हटाकर सत्कर्म की ओर अग्रसर किया। ऐसे संत पर टिप्पणी करना उचित नहीं। वहीं दिनेश फलाहारी ने तो यहां तक कह दिया कि “इतना अहंकार तो रावण में भी नहीं था। प...